रायपुर। छत्तीसगढ़ में राज्य सरकार ने निगम, मंडल, बोर्ड और आयोग में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद की सूची जारी कर दी है. भूपेंद्र सवन्नी अध्यक्ष क्रेडा, लोकेश कावडिय़ा अध्यक्ष छत्तीसगढ़ निशक्तजन वित्त विकास निगम, सौरभ सिंह अध्यक्ष खनिज विकास निगम, शशांक शर्मा अध्यक्ष छत्तीसगढ़ संस्कृति परिषद, राजीव अग्रवाल अध्यक्ष सीएस आईडीसी, संजय श्रीवास्तव अध्यक्ष नागरिक आपूर्ति निगम, दीपक महसके अध्यक्ष सीजीएमएससी बनाए गए हैं.
मोना सेन को छत्तीसगढ़ राज्य केश शिल्पी कल्याण बोर्ड की अध्यक्ष और गौरीशंकर श्रीवास को उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है. वहीं जितेंद्र कुमार साहू को राज्य तेलघानी बोर्ड के अध्यक्ष, अमरजीत सिंह छाबड़ा राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष बनाए गए हैं. डॉ. वर्णिका शर्मा राज्य बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष, नीलू शर्मा छग पर्यटन मंडल अध्यक्ष, नंदकुमार (नंदे साहू) रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष, अनुराग सिंह देव गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष बनाए गए हैं.
शालिनी राजपूत अध्यक्ष राज्य समाज कल्याण बोर्ड, चंद्राकांति वर्मा उपाध्यक्ष, राकेश पांडेय अध्यक्ष छग खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड, शंभूनाथ चक्रवर्ती अध्यक्ष छग माटीकला बोर्ड, सुरेंद्र कुमार बेसरा अध्यक्ष छग अंतव्यवसायी सहकारी वित्त एवं विकास निगम, प्रफुल्ल विश्वकर्मा अध्यक्ष छग लौह शिल्पकार विकास बोर्ड, प्रहलाद रजक अध्यक्ष छग रजककार विकास बोर्ड, ध्रुव कुमार मिर्धा अध्यक्ष छग चर्म शिल्पकार बोर्ड, भरत लाल मटियारा अध्यक्ष छग मछुआ कल्याण बोर्ड, लखनलाल धीवर उपाध्यक्ष, राजा पांडेय अध्यक्ष छग पाठ्यपुस्तक निगम की जिम्मेदारी दी गई है. इसके अलावा सुरेश कुमार चंद्रवंशी अध्यक्ष छग राज्य कृषण कल्याण परिषद, चंद्रहास चंद्राकर अध्यक्ष छग राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम, संदीप शर्मा अध्यक्ष छग राज्य खाद्य आयोग, चंदूलाल साहू अध्यक्ष छग राज्य भंडार गृह निगम, केदारनाथ गुप्ता अध्यक्ष छग राज्य सहकारी दुग्ध महासंघ मर्यादित रायपुर, रामप्रताप सिंह छग भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल, योगेश दत्त मिश्रा अध्यक्ष श्रम कल्याण मंडल, श्रीनिवास राव मद्दी अध्यक्ष राज्य वित्त आयोग, रामसेवक पैकरा अध्यक्ष राज्य वन विकास निगम, विकास मरका अध्यक्ष छग आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादक बोर्ड बनाए गए हैं.
गौरीशंकर श्रीवास ने ठुकराया पद
वहीं गौरीशंकर श्रीवास को छत्तीसगढ़ राज्य केश शिल्पी कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है, लेकिन गौरीशंकर श्रीवास ने पद लेने से इनकार कर दिया। सोशल मीडिया पर लिखा कि पार्टी ने इतनी बड़ी जिम्मेदारी दी है कि जिसे उठाने में मेरे कंधे असमर्थ हैं, इसलिए पद स्वीकार नहीं है।