जशपुरनगर। भारत सरकार, आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय, नई दिल्ली एवं छ.ग. शासन के संयुक्त कार्यक्रम डे-एनयूएलएम योजना एवं मिशन क्लीन सिटी योजना के अभिसरण के तहत कलेक्टर श्री रोहित व्यास के मार्गदर्शन और मुख्य नगरपालिका अधिकारी, श्री योगेश्वर उपाध्याय के दिशा निर्देश में नगर पालिका परिषद क्षेत्रांतर्गत डॉ. बाला साहेब देशपांडे पार्क जशपुरनगर में डे-एनयूएलएम योजना अंतर्गत कला श्री स्व-सहायता का गठन किया गया। यह समूह शहर को कचरामुक्त करने एवं लोगों को जागरूक करने में जुटा हुआ है। समुदाय के साथ मिलकर किस तरह से सूखा कचरा को रियूज और रिसाईकल करके उपयोगी सामग्री तैयार करते है। शहर में बाला साहेब देशपाण्डे पार्क में सौन्दर्गीकरण का कार्य करने का अवसर मिला, जिसके तहत् समूह सदस्यो ने मिलकर कार एवं स्कूटी के 150 नग पुराने टायरों से विन्निन आकृति जैसे मछली, सांप, कमल, कुर्सी-टेबल एवं पानी के बड़े जार से मधुमक्खी, ऊल्लू, चिडिय़ा तथा अनुपयोगी प्लास्टिक व कॉच के बॉटलों से सेल्फी जोन, फूल, सूरज, टेबल छतरी इत्यादि बनाया गया। स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा पार्क में वेस्ट से बेस्ट की विभिन्न आकृतियों व मॉडल्स तैयार किये गये है। इससे समूह को अच्छी आमदनी भी हो रही है दीदीयों ने अब तक लगभग 3 लाख तक की आमदनी प्राप्त कर ली है। शहर के आवासीय घरों एवं डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण में एकत्र अनुपयोगी सामग्री जैसे- खाली बॉटल, ड्रम, पुराने पाईप, ढक्कन, पानी का जार व बीयर बोतल से आकर्षक मॉडल्स तैयार किये गये है। स्व-सहायता समूह में कुल 14 सदस्य है, समूह का बैंक खाता भारतीय स्टेट बैंक, जशपुर नगर में है, जिसमे सभी सदस्य 200 रू. प्रतिमाह मासिक बचत जमा कर समूह का सफल संचालन कर रही है। सुलोचना सिंह समूह की अध्यक्ष ने यह बताया कि अनुपयोगी सामग्री से उपयोगी सामग्री तैयार करने की रूची मेरा बचपन से ही शौक था। शहर में कल्याण आश्रम, गढ़ कलेवा व सेहत कैफे में अनेकों वस्तुएँ बनाई गई है। वेस्ट बॉटल को रियूज करके पेन होल्डर, प्लान्टर, हँगिंग लैम्प, ड्रीम कैचर, फ्लावर पोट, वेस्ट कपड़े से डोरमेट, बैग, थैला, ज्वैलरी इत्यादि अनेको वस्तुएँ हमारे समूह द्वारा तैयार की जाती है। इस प्रकार के उपयोगी सामग्री की मांग छ0ग0 के अन्य जिलों अथवा सीमावर्ती राज्य झारखण्ड से आर्डर मिल रहे है। समूह की महिलाओं द्वारा मिलकर उपरोक्त सामग्री तैयार करके समय पर पूरा करने का कार्य कर रही है। शासन की उक्त योजना से जुडक़र हम सभी समूह की महिलाएँ शहर को सूखा कचरा मुक्त करने के साथ ही शहर का सौन्दर्गीकरण में अपना योगदान देने के साथ ही अपना पहचान बनाने की शुरूआत निरंतर जारी है। इस काम से स्व-सहायता समूह को अच्छा लाभ मिल रहा है।